चालक/परिचालक के अलावा 13 यात्री थे सवार, बाल बाल बची जान।
डेली पोस्ट, रामपुर बुशहर:-
मौजूदा समय में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सफर कितना खतरनाक हो गया है, इसका ताज़ा उदाहरण एक बार फिर रामपुर डिपो की बस में देखने को मिला। बुधवार को रामपुर से आनी जा रही बस में सवार यात्रियों की जान तब हलक में आ गई जब उसके पिछले दोनों पहिए अचानक अलग हो गए। इस दौरान बस में चालक तेज सिंह और परिचालक मनीत सिंह के अलावा करीब 13 यात्री सवार थे। चालक की सतर्कता और सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी रामपुर डिपो की यह बस रामपुर से आनी जा रही। जैसे ही सुबह करीब 9 बजे बस निमला क्षेत्र के पास पहुंची तो अचानक तेज आवाज के साथ बस के पिछले 2 पहिए अलग हो गए। इस दौरान बस में बैठे यात्री घबरा गए और उनमें अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने डर के मारे जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया, लेकिन चालक ने पूरी सतर्कता बरतते हुए बस को नियंत्रित कर लिया और सड़क के किनारे रोक दिया, जिसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। वहीं जब बस के पहिए अलग हुए तो सामने से बाइक पर बच्चों सहित आ रहा दंपति भी उनकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गया।
इस घटना ने एचआरटीसी की बसों की मैंटेनैंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना था कि अगर बसों का सही समय पर निरीक्षण किया जाए तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है। कुछ यात्रियों ने तो यह तक कहा कि अगर बस तेज गति में होती तो आज यहां एक बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने एचआरटीसी प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। वहीं, एचआरटीसी आनी के असिस्टैंट तरसेम सिंह ने बताया कि कहा कि बसों की नियमित जांच की जाती है, लेकिन इस मामले में क्या चूक हुई, इसकी जांच की जाएगी।
